रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में अगले दो दिन भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। अब तक छत्तीसगढ़ में सामान्य से लगभग 60 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों में होने वाली व्यापक बारिश से वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी होने की संभावना है। साथ ही लोगों को गरज-चमक, तेज हवा और वज्रपात के दौरान सतर्क रहने की सलाह भी दी गई है।

मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटे के दौरान नारायणपुर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं महासमुंद, कांकेर, धमतरी, गरियाबंद, बस्तर और सुकमा जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
इन जिलों में भी बारिश का असर रहेगा
मौसम विभाग के अनुसार जशपुर, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर-चांपा, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बस्तर संभाग और आसपास के जिलों में बारिश की गतिविधियां अधिक रहने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में वज्रपात की आशंका जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसानों और आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
मौसम विभाग ने बताया है कि 7 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर भारी बारिश और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। अगले पांच दिनों में तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।