सांसद विजय बघेल जी ने कहा – ‘जैन समाज प्रबुद्ध और अहिंसा प्रिय है, मैं सत्य के साथ खड़ा हूँ’
*भिलाई:* क्षमा वाणी पर्व के पावन अवसर पर स्थानीय जैन भवन में श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन महासभा द्वारा एक भव्य एवं भक्तिमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर धर्म, तप और परस्पर वात्सल्य का अद्भुत संगम देखने को मिला।
*500 से अधिक श्रद्धालुओं का समागम एवं सामूहिक क्षमा वाणी:*
समिति के अध्यक्ष श्री प्रशांत जैन एवं मंत्री सोमेश जैन ने बताया कि इस पावन अवसर पर 500 से अधिक दिगंबर जैन समाज के श्रद्धालुओं ने एकत्रित होकर आपस में एक-दूसरे से जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए सामूहिक अध्यक्ष प्रशांत जैन ने माननीय सांसद महोदय विजय बघेल जी के साथ सामूहिक क्षमा वाणी याचना करवाई। अध्यक्ष प्रशांत जैन ने मुख्य अतिथि एवं माननीय सांसद महोदय श्री विजय बघेल जी के साथ सामूहिक क्षमा वाणी संपन्न करवाई। इस दौरान श्री पारसनाथ दिगंबर जैन पंचायत महासभा के समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भी सांसद महोदय के साथ उपस्थित पूरी समाज से विनम्रतापूर्वक क्षमा याचना की।
*सांसद विजय बघेल जी का उद्बोधन:*
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद श्री विजय बघेल जी ने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में जैन समाज की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि, “जैन समाज एक प्रबुद्ध और अहिंसा प्रिय समाज है, जिनके द्वारा एक चींटी तक को नहीं मारा जाता।” स्थान की पवित्रता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह वही पावन जैन भवन है, जहां निरंतर साधु-संतों और मुनियों के चरण पड़ते रहते हैं।
समाज को आश्वस्त करते हुए उन्होंने अत्यंत स्पष्ट संदेश दिया कि वे गलत के खिलाफ हमेशा दृढ़ता से खड़े हैं। उन्होंने कहा, “मैं पूरी समाज के साथ हूं—उनके साथ भी और आपके साथ भी, लेकिन अंततः मैं केवल सत्य का ही साथ दूंगा।”
आयोजन में
*झलकी समाज की पीड़ा:*
कार्यक्रम के दौरान एक अत्यंत भावुक और विचारणीय विषय भी सामने आया। समाज की ओर से यह मार्मिक पीड़ा व्यक्त की गई कि, “यह वही जैन भवन है जिसकी नींव 60 के दशक में यहां की पहली पीढ़ी और हमारे पुरखों ने रखी थी। आज अगर वे होते तो क्या सोचते? यह अत्यंत दुखदायी स्थिति है कि क्षमावाणी जैसे विशुद्ध धार्मिक कार्यक्रम के लिए जैन ट्रस्ट ने आपत्ति तो नहीं की, बल्कि अनुमति भी नहीं दी। उन्होंने बोला कि वे विवाद की मध्यस्थता करने के लिए तैयार है”
*कार्यक्रम के अन्य मुख्य आकर्षण:*
* *धर्म सभा और प्रवचन:* कार्यक्रम का शुभारंभ सुमधुर मंगलाचरण और भावपूर्ण भजनों के साथ हुआ। इसके पश्चात आदरणीय पंडित जी अक्षय भैया के सारगर्भित प्रवचन हुए, जिसमें उन्होंने क्षमावाणी पर्व के महत्व और उत्तम क्षमा के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला।
* *उपवस्कर्ताओं का सम्मान:* धर्म की प्रभावना को बढ़ाते हुए, कठिन तपस्या करने वाले उपवासकर्ताओं का मुख्य अतिथि एवं सांसद श्री विजय बघेल जी द्वारा शॉल और श्रीफल भेंटकर विशेष सम्मान किया गया। जिन तपस्वियों का सम्मान हुआ उनकी सूची इस प्रकार है: संजीव कासलीवाल (10), पप्पू जैन छावड़ा (10), विमुक्ति छावड़ा (3), अनिता जैन कमल (18), रिचा जैन (10), स्वाति जैन (10), साधना सुनील जैन (10), सीमा कोशल (10), सुषमा जैन (10), निकिता विपिन जैन (10), ज्योत्सना काला (3), श्रेया सौरभ जैन (10), श्रेयांश जैन रुवाबांधा (10), परी जैन (9), आयुष जैन (10), आरुषि जैन रुवाबांधा (10), रानू जैन (5), श्रीमति अंकिता सौरभ जैन रुवाबांधा, श्रीमति नीशा जी जैन मरोदा (10) और शिखर जैन (10)।
* *सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं पारितोषिक:* जैन पाठशाला के बच्चों और महिला मंडल द्वारा अत्यंत सुंदर एवं मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। पाठशाला के बच्चों का उत्साहवर्धन करने के लिए उन्हें पारितोषिक (इनाम) का वितरण भी किया गया।
* *सामूहिक वात्सल्य भोज:* कार्यक्रम के समापन के पश्चात, उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने सविनय सामूहिक भोज (वात्सल्य भोज) का आनंद लिया और एक बार पुनः आपस में गले मिलकर सामूहिक क्षमावाणी की।
*आयोजन समिति एवं सहयोग:*
इस भव्य आयोजन के सफल संचालन में समिति के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का उल्लेखनीय योगदान रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री प्रशांत जैन (अध्यक्ष) ने की और संचालन श्री सोमेश जैन (मंत्री), श्री जिनेन्द्र जैन (कोषाध्यक्ष) द्वारा किया गया।
आयोजन में समाज के संरक्षक श्री महावीर प्रसाद निगोतिया, श्री प्रभात जैन, श्री ज्ञानचंद बाकलीवाल, श्री देवेंद्र जैन, श्री वी के जैन और डॉ. जिनेंद्र जैन का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम की प्रशासनिक एवं सुचारू व्यवस्था का प्रभार प्रशासनिक प्रभारी संजीव कासलीवाल ने बखूबी संभाला।
इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में समिति के सक्रिय सदस्य— श्रीमती नीना जैन, श्रीमती अचला जैन, श्रीमती सीमा नाहर, श्रीमती नेहा बाकलीवाल, श्रीमती भव्या जैन, राजेश जैन, कमल जैन, साकेत जैन, वरुण जैन, शिम्पी जैन, संजीव छोटे, भरत गोधा, पंकज जैन, संजू कासलीवाल, विपिन विनायके, अशोक निगोतिया गौरव बाकलीवाल और अमित अजमेरा ने अपनी महती भूमिका निभाई।
*निवेदक:*
श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन महासभा, पंजीयन क्र 975 (दिगंबर जैन समाज की आधिकारिक संस्था, सेक्टर 6, भिलाई)