श्री शंकराचार्य महाविद्यालय, जुनवानी, भिलाई के सूक्ष्मजीव विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा माइक्रोबायोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के सहयोग से “सूक्ष्म जीव, व्यापक प्रभावः सतत भविष्य के लिए सूक्ष्मजीव” विषय पर माइक्रोब आर्ट एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में निर्णायक के रूप में: डॉ. प्रीति श्रीवास्तव, एन.ई.पी. नोडल ऑफिसर एवं विभागाध्यक्ष-गणित विभाग एवं डॉ. सोनिया बजाज, डीन ऑफ लाइफ साइंस, विभागाध्यक्ष-प्राणीशास्त्र विभाग ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में सूक्ष्मजीवों के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना तथा पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और मानव जीवन में सूक्ष्मजीवों की महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी रचनात्मकता, वैज्ञानिक ज्ञान एवं कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने आकर्षक पोस्टरों एवं माइक्रोब आर्ट के माध्यम से सूक्ष्मजीवों की उपयोगिता, पर्यावरण संरक्षण में उनके योगदान तथा सतत भविष्य के निर्माण में उनकी भूमिका को प्रस्तुत किया। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, विषयवस्तु, वैज्ञानिक सटीकता, प्रस्तुतीकरण एवं नवाचार के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।
यह कार्यक्रम भारतीय ज्ञान परंपरा से भी गहराई से जुड़ा रहा। भारतीय संस्कृति एवं त्योहारों में भी प्रकृति, जीव-जगत, कला और आध्यात्मिकता के समन्वय की परंपरा रही है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए विद्यार्थियों ने सूक्ष्मजीवों एवं सूक्ष्म कला के माध्यम से अपनी रचनात्मक प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया। उन्होंने भगवान श्री गणेश, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, मोर पंख तथा विभिन्न आकर्षक एवं कलात्मक आकृतियों को सूक्ष्मजीवों की सहायता से उकेरकर भारतीय संस्कृति, कला और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। विशेष रूप से भगवान श्री गणेश की आकृति भारतीय त्योहारों एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी आस्था को दर्शाती है, जबकि प्रकृति-आधारित आकृतियाँ पर्यावरण एवं जैव विविधता के प्रति संवेदनशीलता को अभिव्यक्त करती हैं।
माइक्रोब आर्ट में बीएससी माइक्रोबायोलॉजी से प्रथम नेहा चंदेल, द्वितीय जयंत वर्मा, तृतीय भूमिका ने स्थान प्राप्त किया। बीएससी बायोटेक्नोलॉजी से प्रथम टी वसुधा, द्वितीय शादिया शेख, तृतीय विमल जांगड़े ने स्थान प्राप्त किया। बीएससी बायोलॉजी से मयंक देवांगन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम बीएससी माइक्रोबायोलॉजी से चित्रांशी साहू, द्वितीय हेमकुमारी ने स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अर्चना झा ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहाः “सूक्ष्मजीव हमारे जीवन और पर्यावरण का अभिन्न अंग हैं। यद्यपि ये आकार में बहुत छोटे होते हैं, लेकिन इनका प्रभाव अत्यंत व्यापक होता है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करती हैं।”
महाविद्यालय के डीन अकादमिक डॉ. जे. दुर्गा प्रसाद राव ने कहा” विज्ञान केवल पुस्तकों और प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे आसपास की दुनिया को समझने और उसे बेहतर बनाने का माध्यम है। माइक्रोब आर्ट एवं पोस्टर प्रतियोगिता ज्ञान, कला और नवाचार का सुंदर संगम है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को नई सोच के साथ आगे बढ़ने और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम का सफल आयोजन सूक्ष्मजीव विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के तत्वावधान में विभागाध्यक्ष सुश्री रचना तिवारी के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सुश्री
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