▪️ सातवीं वाहिनी भिलाई में आयोजित साइबर जागरूकता कार्यक्रम में लगभग 150 जवान, अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।
▪️ प्रशिक्षण में साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी, OTP एवं UPI फ्रॉड तथा फर्जी लिंक एवं कॉल से बचाव के उपाय बताए गए।
▪️ प्रतिभागियों को सोशल मीडिया पर सुरक्षित व्यवहार तथा साइबर अपराध होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
▪️ कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस बल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग बनाना रहा।
मुख्य बिंदु
रिफ्रेशर कोर्स के अंतर्गत सातवीं वाहिनी, भिलाई में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर जवानों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी और डिजिटल सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी दी गई।
संक्षिप्त विवरण
रिफ्रेशर कोर्स के अंतर्गत सातवीं वाहिनी, भिलाई में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 150 जवान, अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान वर्तमान समय में बढ़ रहे साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों की जानकारी देते हुए उनसे बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए गए।
कार्यक्रम में प्रशिक्षण
रेंज साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के उप निरीक्षक डॉ. संकल्प राय द्वारा साइबर अपराध के विभिन्न प्रकार, ऑनलाइन फ्रॉड, OTP एवं UPI संबंधी धोखाधड़ी, फर्जी लिंक एवं कॉल, सोशल मीडिया सुरक्षा तथा साइबर अपराध घटित होने की स्थिति में तत्काल शिकायत करने की प्रक्रिया के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
साइबर सुरक्षा संदेश
प्रतिभागियों को साइबर अपराध से बचाव के लिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, OTP एवं बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा नहीं करने तथा संदिग्ध कॉल एवं ऑनलाइन लेन-देन के प्रति सतर्क रहने की जानकारी दी गई। साइबर अपराध की स्थिति में बिना विलंब शिकायत करने के महत्व पर भी विशेष रूप से जानकारी दी गई।
सराहनीय कार्य
कार्यक्रम सातवीं वाहिनी के कमांडेंट के मार्गदर्शन तथा सहायक सेनानी श्रीमती प्रज्ञा मेश्राम के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण प्रदान करने में रेंज साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के उप निरीक्षक डॉ. संकल्प राय की भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों एवं पुलिस बल के सभी सदस्यों से अपील करती है कि ऑनलाइन लेन-देन के दौरान विशेष सावधानी बरतें। OTP, PIN, पासवर्ड एवं बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल संबंधित माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय पर आवश्यक वैधानिक एवं तकनीकी कार्रवाई की जा सके।