स्मार्ट मीटर से बिजली खपत नहीं बढ़ती, तीन शहरों के सर्वे में सामने आई सच्चाई


दुर्ग, बालोद और बेमेतरा के तुलनात्मक अध्ययन में जुलाई माह में बिजली खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज
दुर्ग/बालोद/बेमेतरा, 28 जुलाई 2026 – स्मार्ट मीटर को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों और अफवाहों के बीच छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र ने तीन जिलों दुर्ग, बालोद और बेमेतरा में स्मार्ट मीटर लगे घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली खपत का तीन माह का तुलनात्मक अध्ययन कराया है। मई, जून और जुलाई 2026 की खपत के विश्लेषण में यह सामने आया कि अधिकांश उपभोक्ताओं की बिजली खपत जुलाई माह में कम हुई है।
दुर्ग शहर के चयनित 240 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं जिनकी खपत 400 यूनिट से अधिक थी, उनके तीन माह के तुलनात्मक अध्ययन में भी जुलाई माह में बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। अध्ययन मे़ं जुलाई 2026 में कुल बिजली खपत 76,257 यूनिट रही, जबकि जून 2026 में यह 1,65,411 यूनिट तथा मई 2026 में 1,75,451 यूनिट थी। इस प्रकार जुलाई माह में लगभग 53 प्रतिशत की कमी खपत में दर्ज हुई है।
कारण स्पष्ट है, कि खपत का आधार स्मार्ट मीटर नहीं अपितु उपभोक्ताओं द्वारा की जा रही वास्तविक खपत है। ऐसेे उपभोक्ता जिनके आवासों में स्मार्ट मीटर नहीं लगे थे उनकी खपत में भी माह अप्रैल-मई-जून में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि दर्ज हुई है।
उदाहरणः-
1. शंकर नगर दुर्ग – उपभोक्ता क्र. 100953XXXX, संयोजित भार 06 किलोवाट
अप्रैल- 2025 की खपत 591 यूनिट, अप्रैल- 2026 की खपत 653 यूनिट
मई- 2025 की खपत 670 यूनिट, मई- 2026 की खपत 1399 यूनिट
जून- 2025 की खपत 620 यूनिट, जून- 2026 की खपत 1422 यूनिट
2. रिशभ ग्रीन सिटी पुलगांव दुर्ग – उपभोक्ता क्र. 100970XXXX, संयोजित भार 08 किलोवाट
अप्रैल- 2025 की खपत 562 यूनिट, अप्रैल- 2026 की खपत 683 यूनिट
मई- 2025 की खपत 472 यूनिट, मई- 2026 की खपत 965 यूनिट
जून- 2025 की खपत 1018 यूनिट, जून- 2026 की खपत 1555 यूनिट
3. गवलीपारा दुर्ग- उपभोक्ता क्र. 100776XXXX, संयोजित भार 10 किलोवाट
अप्रैल- 2025 की खपत 890 यूनिट, अप्रैल- 2026 की खपत 1158 यूनिट
मई- 2025 की खपत 1021 यूनिट, मई- 2026 की खपत 1317 यूनिट
जून- 2025 की खपत 683 यूनिट, जून- 2026 की खपत 1036 यूनिट
इसी प्रकार बालोद शहर क्षेत्र के चयनित 241 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं जिनकी खपत 400 यूनिट से अधिक थी, उनके तीन माह के तुलनात्मक अध्ययन में भी जुलाई माह में बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। अध्ययन मे़ं जुलाई 2026 में कुल बिजली खपत 74847 यूनिट रही, जबकि जून 2026 में यह 1,62,127 यूनिट तथा मई 2026 में 1,54,110 यूनिट थी। इस प्रकार जुलाई माह में लगभग 54 प्रतिशत की कमी खपत में दर्ज हुई है।
बेमेतरा डिविजन के बेमेतरा टाउन क्षेत्र में 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत वाले चयनित 241 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का विश्लेषण किया गया। इसमें मई माह की खपत 1,59,812 यूनिट, जून में 1,79401 यूनिट तथा जुलाई में घटकर 78902 यूनिट दर्ज की गई। इस प्रकार जुलाई की खपत लगभग 56 प्रतिशत कम हुई है।
निष्कर्षः-
1. उपभोक्ता जो एसी का उपयोग करते है, जिससे इनकी खपत 400 यूनिट से अधिक होती है। इन्हे मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान योजना का लाभ नहीं मिल पाता है जिसके कारण विद्युत देयक में वृद्धि परिलक्षित होती है। परंतु जुलाई माह की सिस्टम से निकाले गए आंकडों में ऐसे उपभोक्ताओं की खपत में भी उल्लेखनीय कमी हुई है, जिससे माह जुलाई की खपत, जिसका बिल अगस्त में आयेगा की देय राशि कम होगी एवं अधिक उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान योजना का लाभ प्राप्त होगा।
2. ऐसे उपभोक्ता जिनके आवासों में स्मार्ट मीटर नहीं लगा है, की खपत में भी मई और जून के माह में विगत वर्ष की तुलना में वृद्धि हुई है। परंतु जुलाई के माह में इसी मीटर में कम खपत दर्ज हुई है। अर्थात अधिक खपत दर्ज करने में स्मार्ट मीटर कारण नहीं है बल्कि उपभोक्ता द्वारा विद्युत उपकरणों का अधिक उपयोग है।
3. उपभोक्ताओं के कनेक्शनों में स्वीकृत भार से अधिक उपयोग करने पर लगातार तीन माहों में उच्चतम मांग अधिक दर्ज होने पर बिल के साथ सप्लाई अफोर्डिंग की राशि जुड़ रही थी। इसके कारण भी उपभोक्ताओं को अधिक बिजली बिल प्राप्त हो रहा था।
आगामी विद्युत देयकों के लिए यह व्यवस्था की गई है कि स्वीकृत भार से उच्चतम मांग लगातार तीन माहों में अधिक दर्ज होने पर वर्ष में केवल एक बार सप्लाई अफोर्डिंग की राशि माह दिसंबर का बिल जो कि जनवरी में जारी होगा, में देय होगी।
उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से दैनिक खपत स्मार्ट मीटर लगे होने पर मोर बिजली ऐप में देख सकता है। सामान्य मीटर में भी मोर बिजली ऐप के माध्यम से मासिक खपत देखी जा सकती है, परंतु इस मीटर में दैनिक खपत का कोई आंकड़ा ऐप में दर्ज नहीं होता।
उपभोक्ताओं की शंकाओं के समाधान के लिए विभाग द्वारा चेक मीटर भी लगाया जा रहा है, जिससे दोनों मीटरों में दर्ज खपत की तुलना कर समुचित निदान की व्यवस्था की गई है। अभी तक लगाये गये 4500 चेक मीटरों में दर्ज खपत और स्मार्ट मीटर में दर्ज खपत में एक समान है।
उपभोक्ता विद्युत बिल संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए टोल फ्री नंबर- 1912 पर संपर्क कर अपना संशय दूर कर सकता है।
उपभोक्ताओं से विनम्र अनुरोध है, कि वे स्मार्ट मीटर के संबंध में किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। वे मोर बिजली ऐप और स्मार्ट मीटर पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ता अपनी प्रतिदिन तथा प्रत्येक आधे घंटे की बिजली खपत स्वयं देख सकते हैं। इससे बिजली उपयोग की निगरानी और अनावश्यक खपत पर नियंत्रण आसान हो जाता है।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी पारदर्शिता के साथ उपभोक्ताओं को तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराती रहेगी, ताकि स्मार्ट मीटर के संबंध में किसी भी प्रकार का भ्रम दूर हो सके।


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