भिलाई। संजय रुंगटा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के विद्यार्थियों का प्रतिष्ठित फार्मास्यूटिकल कंपनियों Abbott एवं Macleods Pharmaceuticals में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से चयनित हो कर संस्थान का गौरव बढ़ाया है। संस्थान में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण तथा सशक्त प्लेसमेंट गतिविधियों का सकारात्मक परिणाम विद्यार्थियों की इस सफलता के रूप में सामने आया है।

Abbott Pharmaceuticals विश्व की अग्रणी हेल्थकेयर और फार्मा कंपनियों में से एक है, जो नवाचार, अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण दवाओं के लिए जानी जाती है। इस प्रतिष्ठित कंपनी में Business Manager पद हेतु वैष्णवी अग्रवाल (बी.फार्मा} एवं संजना साहरे (बी.फार्मा) का चयन हुआ है। चयनित विद्यार्थियों को 4.20 लाख रुपये वार्षिक पैकेज प्रदान किया गया है, जो उनके परिश्रम और संस्थान की उत्कृष्ट शैक्षणिक व्यवस्था का प्रमाण है।
Macleods Pharmaceuticals भारत की प्रमुख फार्मास्यूटिकल कंपनियों में से एक है, जो उच्च गुणवत्ता वाली दवाओं के निर्माण और अनुसंधान के लिए प्रसिद्ध है। इस कंपनी में Quality Control Chemist पद हेतु अभय कौशल (बी.फार्मा), भितेश साहू (बी.फार्मा), तुषार शर्मा (बी.फार्मा) एवं आयुष पटनायक (एम.एससी. केमिस्ट्री) का चयन हुआ है। इन विद्यार्थियों का चयन इस बात का प्रमाण है कि संस्थान उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने में सफल रहा है।
प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट विभाग द्वारा आयोजित प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से प्राप्त यह सफलता संस्थान के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह उपलब्धि न केवल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत करती है बल्कि संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता और उद्योगोन्मुख दृष्टिकोण को भी मजबूत करती है। इस ड्राइव ने विद्यार्थियों को वास्तविक उद्योग अनुभव प्रदान किया और उन्हें प्रतिस्पर्धी माहौल में अपनी क्षमता साबित करने का अवसर दिया।
संस्थान के चेयरमैन श्री संजय रुंगटा ने सभी चयनित विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उन्होंने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने तथा उन्हें बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। श्री रुंगटा ने यह भी उल्लेख किया कि संस्थान का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और उद्योग के लिए तैयार करना है, ताकि वे समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दे सकें।
