Aaj Ka Panchang16 June 2026। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतु। राहुकाल दोपहर 03:30 से 05:00 बजे तक। द्वितीया तिथि मध्यरात्रि 12 बजकर 52 मिनट (17 जून) तक उपरांत तृतीया तिथि का आरंभ। आर्द्रा नक्षत्र दिन रात रहेगा। वृद्धि योग मध्यरात्रि 12 बजकर 35 मिनट (17 जून) तक उपरांत ध्रुव योग का आरंभ। बालव करण दोपहर 02 बजकर 39 मिनट तक उपरांत कौलव करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात मिथुन राशि पर संचार करेगा।
महत्वपूर्ण विवरण

- तिथि: शुक्ल द्वितीया – मध्यरात्रि 12:52 बजे (17 जून) तक, फिर तृतीया
- योग: वृद्धि – मध्यरात्रि 12:35 बजे (17 जून) तक, फिर ध्रुव
- करण: बालव – दोपहर 02:39 बजे तक
- करण: कौलव – मध्यरात्रि 12:52 बजे (17 जून) तक, फिर तैतिल
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
- सूर्योदय का समय: प्रातः 05:23 बजे
- सूर्यास्त का समय: सायं 07:21 बजे
- चंद्रोदय का समय: प्रातः 06:20 बज
- चंद्रास्त का समय: रात्रि 08:54 बजे
- आज के व्रत त्योहार- शुक्ल द्वितीया तिथि।
आज का शुभ मुहूर्त 16 जून 2026 :
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 54 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट तक।
- अमृत काल: प्रातः 07 बजकर 25 मिनट से प्रातः 08 बजकर 50 मिनट तक।
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 3 बजकर 52 मिनट से 4 बजकर 38 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त 16 जून 2026 :
- दोपहर 03:30 से 05:00 बजे तक राहुकाल रहेगा।
- दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक गुलिक काल रहेगा।
- सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक यमगंड रहेगा।
आज का नक्षत्र
- आज चंद्रदेव आर्द्रा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
- आर्द्रा नक्षत्र: दिन रात (अगले दिन सूर्योदय तक)
- स्थान: 6°40’ मिथुन राशि से 20°00’ मिथुन राशि तक
- नक्षत्र स्वामी: राहु
- राशि स्वामी: बुधदेव
- देवता: रुद्र (भगवान शिव का संहारक रूप)
- प्रतीक: आंसू की बूंद
- सामान्य विशेषताएं: इस नक्षत्र में जन्मे लोग अत्यंत बुद्धिमान, चतुर और भौतिकवादी स्वभाव के होते हैं। ये बहुत जिज्ञासु और परिवर्तनशील होने के साथ-साथ जीवन में नए विचारों को अपनाने के लिए तत्पर रहते हैं। यह नक्षत्र विनाश के माध्यम से पुनरुद्धार और अहंकार के त्याग का प्रतीक है, जिससे जातक जीवन में गहरी सीख प्राप्त करते हैं।
आज का उपाय : आज हनुमान जी के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें। मंगलवार के दिन लाल रंग की वस्तुओं, गुड़ या तांबे का दान करना बहुत अच्छा माना जाता है। यह कार्य धार्मिक नियमों के सुंदर और सफल संपादन के लिए अत्यंत श्रेष्ठ फलदायी माना जाता है।