कोरिया। SECL चरचा कॉलरी में एक हृदयविदारक और सनसनीखेज घटना सामने आई है। कॉलरी के डिप्टी मैनेजर के.बी. नंदन की उनके ही विभागीय आवास में आग से झुलसकर दर्दनाक मृत्यु हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि तेज धमाके की आवाज सुनकर पूरी कॉलोनी दहल उठी और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार के.बी. नंदन चाइना ब्लॉक स्थित विभागीय आवास क्रमांक C-25 में निवासरत थे। उनकी पत्नी और छोटा पुत्र अपने गृहग्राम रांची गए हुए थे, जबकि घर में केवल वे और उनका बड़ा पुत्र मौजूद थे। रात लगभग 9:30 बजे उनका पुत्र घर के बाहर परिसर में था। इसी दौरान घर में अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास रहने वाले अधिकारी अपने घरों से बाहर निकल आए। जब लोगों ने नंदन के आवास की ओर देखा तो घर के भीतर आग की लपटें उठ रही थीं। बाहर खड़ा उनका पुत्र बेसुध होकर चिल्ला रहा था – पापा अंदर हैं… पापा अंदर हैं…
अधिकारियों ने दिखाई बहादुरी, लेकिन नहीं बच सकी जान…..स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास रहने वाले अधिकारी जी.एम. गुप्ता, निलेश अवधिया, मदन गोपाल, जे.पी. सोनी, अतुल चिंचोलकर सहित अन्य लोग तत्काल मदद के लिए पहुंचे। खिड़की से झांककर देखा गया तो रसोईघर में भीषण आग लगी हुई थी और के.बी. नंदन आग की चपेट में थे। तत्काल SECL रेस्क्यू टीम फायर ब्रिगेड और नगर सेना को सूचना दी गई। लोगों ने मुख्य दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन वह अंदर से बंद था दरवाजे में सेंटर लॉक लगा हुआ था काफी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़ा गया। अंदर पहुंचने पर रसोई का दरवाजा भी भीतर से बंद मिला। साहस का परिचय देते हुए अधिकारियों ने उसे भी तोड़ दिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अंदर का वीभत्स दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। के.बी. नंदन पूरी तरह झुलस चुके थे और गैस सिलेंडर से लगातार आग निकल रही थी। जान जोखिम में डालकर उन्हें बाहर निकाला गया और तत्काल क्षेत्रीय चिकित्सालय चरचा पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दियाघटना की सूचना मिलते ही पूरे कॉलरी क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक क्षेत्रीय चिकित्सालय चरचा पहुंच गए। चरचा माइंस के क्षेत्रीय प्रबंधक संजय कुमार सिंह भी अस्पताल पहुंचे और गहरा शोक व्यक्त करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।