वैश्विक तेल संकट का असर, दिल्ली में सीएनजी पहली बार 80 रुपए के पार - Balaji 36 News

वैश्विक तेल संकट का असर, दिल्ली में सीएनजी पहली बार 80 रुपए के पार


दिल्ली में सीएनजी फिर से महंगी हो गई है। रविवार को इसकी कीमतों में 1 रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई। सिर्फ दो दिनों में यह दूसरी बार बढ़ोतरी हुई है, जिससे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में यात्रियों पर ईंधन लागत का बोझ और बढ़ गया है।

दिल्ली में पहली बार 80 रुपए के पार पहुंची सीएनजी

दिल्ली में सीएनजी की कीमत एक रुपए बढ़ने के बाद 80.09 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। यह पहली बार है जब राजधानी में सीएनजी के दाम 80 रुपए प्रति किलोग्राम के आंकड़े को पार कर गए हैं। वहीं, नोएडा और गाजियाबाद में सीएनजी की कीमत अब 88.70 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है।

शुक्रवार को भी बढ़े थे दाम

इससे पहले शुक्रवार को सीएनजी की कीमतों में 2 रुपए प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया था। उस समय दिल्ली में सीएनजी की दर बढ़कर 79.09 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई थी।

पेट्रोल और डीजल भी हुए महंगे

शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल की कीमतों में लगभग 3 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में लगभग 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपए प्रति लीटर और डीजल 90.67 रुपए प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।

पश्चिम एशिया तनाव का असर

ईंधन की कीमतों में यह उछाल पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट की लगातार नाकेबंदी के बीच आया है। वैश्विक तेल और गैस व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है और आपूर्ति में रुकावटों के कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है।

सरकार ने बढ़ोतरी को बताया सीमित

ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर हो रही आलोचना पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद भारत पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को सीमित रखने में सफल रहा है।

कई देशों की तुलना में भारत में कम असर

किरण रिजिजू ने बताया कि कई देशों में ईंधन की कीमतों में 20% से लेकर लगभग 100% तक की बढ़ोतरी हुई, जबकि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः केवल 3.2% और 3.4% की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों में अस्थिरता के बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने उपभोक्ताओं को महंगाई के बड़े असर से बचाने के लिए लंबे समय तक नुकसान उठाया।


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