WEST BENGAL: इस दिन होगा मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण, बंगाल बीजेपी अध्यक्ष ने दी जानकारी - Balaji 36 News

WEST BENGAL: इस दिन होगा मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण, बंगाल बीजेपी अध्यक्ष ने दी जानकारी


कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत 9 मई को होने जा रही है. भारतीय जनता पार्टी राज्य में नई सरकार का शपथ‑ग्रहण समारोह टैगोर जयंती (रवींद्र जयंती) के दिन यानी 9 मई को आयोजित करेगी. इसे बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और राजनीतिक बदलाव दोनों के संगम के रूप में देखा जा रहा है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को होगा.’PM मोदी ने पहले ही दे दिया था संकेतप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस तारीख का संकेत पहले ही अपने अंतिम चुनावी भाषण में दे दिया था. बैरकपुर की रैली में उन्होंने कहा था, ‘4 मई को नतीजों के बाद मैं फिर बंगाल आऊंगा, भाजपा के शपथ‑ग्रहण समारोह में शामिल होने.’

बंगाल में भाजपा की जीत पर बोले पीएम मोदीसोमवार को ऐतिहासिक जनादेश सामने आने के बाद, मोदी ने नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए रवींद्रनाथ टैगोर के आदर्शों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि भाजपा का संकल्प ऐसा बंगाल बनाना है ‘जहां मन भयमुक्त हो और मस्तक ऊंचा रहे’, जो गुरुदेव टैगोर की अमर पंक्तियों की भावना को दर्शाता है।

औपचारिक काम जारीइस बीच, चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी प्रिंसिपल सेक्रेटरी एस.बी. जोशी और सेक्रेटरी सुजीत कुमार मिश्रा आज (5 मई) दिल्ली से कोलकाता पहुंचेंगे. वे राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को चुनाव नतीजों की आधिकारिक गजट अधिसूचना सौंपेंगे. इसके बाद 6 मई को सीईओ, राज्यपाल आर. एन. रवि को औपचारिक रूप से जानकारी देंगे। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत राज्यपाल, निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस्तीफा देने के लिए आमंत्रित करेंगे। सूत्रों के अनुसार, इसके बाद राज्यपाल उनसे शपथ‑ग्रहण तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने का भी अनुरोध कर सकते हैं, ताकि प्रशासनिक निरंतरता बनी रहे।

यूं ही नहीं चुना गया 9 मई का दिन
सूत्रों का कहना है कि पोइला बैशाख के बाद 25 बैशाख (पोचिशे बोइशाख) यानी रवींद्र जयंती पर शपथ‑ग्रहण की तारीख तय करना केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि गहरे भावनात्मक और सांस्कृतिक अर्थ भी रखता है. टैगोर वह व्यक्तित्व हैं जिनकी कविता, संगीत और मानवतावादी दर्शन बंगाली अस्मिता की आत्मा माने जाते हैं. यही कारण है कि यह दिन बंगाल में एक त्योहार की तरह मनाया जाता है।

चार दशकों से अधिक समय तक वाम मोर्चा और फिर तृणमूल कांग्रेस के शासन के बाद, भाजपा की सरकार का गठन बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। टैगोर जयंती के दिन होने वाला शपथ‑ग्रहण समारोह न सिर्फ सत्ता परिवर्तन, बल्कि “नए बंगाल” की प्रतीकात्मक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। सरकारी स्तर पर औपचारिक घोषणा शीघ्र होने की उम्मीद है, जबकि शपथ‑ग्रहण की तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *