लोको पायलट से हुई गलती या तकनीकी खामी, क्या थी छत्तीसगढ़ रेल हादसे की असली वजह?


बिलासपुर – मंगलवार शाम को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुए भीषण रेल हादसे की जांच अब इस दिशा में आगे बढ़ रही है कि MEMU लोकल ट्रेन ने आखिर सिग्नल क्यों तोड़ा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रेन ने निर्धारित सिग्नल पार कर दिया और सामने खड़ी मालगाड़ी के पिछले हिस्से से टकरा गई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि MEMU ट्रेन का एक कोच मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया।

कैसे हुआ हादसा
यह दुर्घटना बिलासपुर स्टेशन के पास मंगलवार दोपहर करीब 4 बजे हुई। MEMU पैसेंजर ट्रेन ने मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में कम से कम चार यात्रियों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद स्टेशन यार्ड में अफरातफरी मच गई। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ट्रेन ने सिग्नल ओवरशूट किया। जब MEMU ट्रेन बिलासपुर स्टेशन के करीब पहुंची, तब सामने वाली लाइन पर एक मालगाड़ी पहले से खड़ी थी। ट्रेन का चालक संभवतः सिग्नल पर रुक नहीं सका और यह टक्कर हो गई।

मानवीय गलती या तकनीकी खामी?
रेलवे की जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह हादसा ब्रेक फेलियर के कारण हुआ या मानवीय गलती के कारण। अधिकारियों के मुताबिक, MEMU ट्रेनों में आधुनिक सिग्नलिंग और ब्रेकिंग सिस्टम होता है, जिससे ऐसी घटनाएं दुर्लभ हैं। फिलहाल जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि हादसे के वक्त ट्रेन की गति कितनी थी और क्या ब्रेकिंग सिस्टम सही से काम कर रहा था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि गलती लोको पायलट की थी या सिस्टम फेलियर हुआ। जांच रिपोर्ट के बाद ही सच्चाई स्पष्ट होगी।”

जांच और सुरक्षा कदम
टक्कर के बाद राहत एवं बचाव दल ने तत्काल मोर्चा संभाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। रेलवे के उच्च अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ मौके पर मौजूद हैं। रेलवे ने पूरे सिग्नलिंग सिस्टम की समग्र जांच के आदेश दे दिए हैं और यह भी जांचा जा रहा है कि क्या चालक को सही सिग्नल जानकारी समय पर मिली थी या नहीं।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *