छत्तीसगढ़ में दिवाली के दूसरे दिन ‘सोटा खाने’ की परंपरा गौरा-गौरी पूजा से जुड़ी है, जिसमें लोग सुख-समृद्धि के लिए सोटा (एक प्रकार का चाबुक) का प्रहार सहन करते हैं। ‘इसी के तहत आज नगर निगम भिलाई चरोदा के महापौर निर्मला कोसरे, एवं समाजसेवी एवं हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालक इंद्रजीत सिंह छोटू ने भी सोटा खाया यह एक परंपरा है जिसे दिवाली के दूसरे दिन गौरा गौरी पूजा के बाद या परंपरा सही मायने में कहा जाते यह परंपरा को आगे बढ़ने का कार्य सबसे प्रथम पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोगों या आम जनमानस के पास लाया जिससे प्रदेश में सुख समृद्धि एवं किसानों के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखकर किया गया

