नक्सलियों ने जारी किया पर्चा, 21 साल पूरे होने पर मनाएंगे वार्षिकोत्सव… - Balaji 36 News

नक्सलियों ने जारी किया पर्चा, 21 साल पूरे होने पर मनाएंगे वार्षिकोत्सव…


जगदलपुर।  छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से एक महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। प्रतिबंधित संगठन CPI ने एक पर्चा जारी कर अपने संगठन की 21वीं वर्षगांठ पर 21 से 27 सितंबर तक वार्षिकोत्सव मनाने का ऐलान किया है। इस पर्चे में नक्सलियों ने बीते वर्षों में संगठन को हुए बड़े नुकसान का भी जिक्र किया है।

नक्सलियों ने पर्चे में क्या लिखा ?

नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी द्वारा जारी इस पर्चे में कुछ प्रमुख बातें सामने आई हैं, जिसमें इतिहास में पहली बार महासचिव का एनकाउंटर होने का जिक्र किया। नक्सलियों ने स्वीकारा कि 1972 में चारू मजूमदार की मौत के बाद से पहली बार किसी महासचिव की मौत एनकाउंटर में हुई है। 21 मई 2025 को अबूझमाड़ क्षेत्र में हुए ऑपरेशन में नक्सल महासचिव बसवराजु (एम. श्रीनु) मारा गया था।

366 नक्सलियों की मौत की जानकारी

पर्चे में नक्सलियों ने यह भी स्वीकार किया है कि हालिया वर्षों में 3 केंद्रीय कमेटी सदस्य, 17 राज्य कमेटी सदस्य समेत कुल 366 कैडर मारे गए हैं। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय नुकसान का जिक्र भी किया गया। नक्सल संगठन ने फिलीपींस में भी एक कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय कमेटी सदस्य के मारे जाने का जिक्र किया है, जो उनके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को दर्शाता है।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर

इस पर्चे के जारी होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां विशेष रूप से बस्तर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बीजापुर जैसे संवेदनशील जिलों में अलर्ट मोड पर हैं। 21 से 27 सितंबर के बीच नक्सलियों के किसी बड़े हमले या हिंसक गतिविधि की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की जा सकती है।

प्रशासन की जनता से अपील

बस्तर पुलिस ने नक्सलियों द्वारा घोषित नक्सल सप्ताह के दौरान ग्रामीणों से अपील है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

CPI का गठन 2004 में 2 संगठनों के विलय से हुआ था। यह संगठन चारू मजूमदार और कन्हाई चट्टोपाध्याय की विचारधारा पर आधारित सशस्त्र संघर्ष को मानता है। बस्तर, महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के जंगलों में इस संगठन की पकड़ अब भी मजबूत मानी जाती है, हालांकि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से इसकी ताकत तेजी से घटती जा रही है।


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