CG : धूमधाम से मनाई गई गुरु बालकदास साहेब जी की जयंती– हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में गूंजा गुरु वाणी का संदेश - Balaji 36 News

CG : धूमधाम से मनाई गई गुरु बालकदास साहेब जी की जयंती– हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में गूंजा गुरु वाणी का संदेश


गुरु बालदास साहेब जी ने दिए आशीर्वचन – गुरु खुशवंत साहेब जी ने समाज उत्थान के लिए रखी बड़ी बातें

नवागढ़/बेमेतरा/आरंग/रायपुर : नवागढ़ नया सतनाम भवन में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरु बालकदास साहेब जी की जयंती बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। इस भव्य आयोजन में हजारों की संख्या में सतनामी समाज के लोग उपस्थित होकर गुरु परंपरा के प्रति अपनी आस्था प्रकट किए।

इस अवसर पर सतनामी समाज के धर्मगुरु, राजागुरु गुरु बालदास साहेब जी कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने श्रद्धालुओं को आशीर्वचन दिए। इसके पश्चात सत्तधारी गुरु सोमेश बाबा जी ने गुरु धर्म का निर्वहन करते हुए समाज को गुरु मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

इस ऐतिहासिक अवसर पर विशेष रूप से आरंग विधायक एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ शासन के उपाध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) गुरु खुशवंत साहेब जी भी उपस्थित हुए। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा –गुरु बालकदास साहेब जी ने समाज को सत्य, एकता और शिक्षा का जो मार्ग दिखाया, वही आज भी हमारे लिए प्रकाशपुंज है। समाज का उत्थान तभी संभव है जब हम गुरु वाणी को जीवन में उतारकर शिक्षा और संस्कारों से अपनी नई पीढ़ी को मजबूत बनाएं।

गुरु खुशवंत साहेब जी ने यह भी बताया कि वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी ने सतनामी समाज की आस्था और विश्वास के प्रतीक गिरौधपुरी धाम, भंडारपुरी धाम, गुरु बालकदास साहेब जी के शहादत स्थल एवं अन्य पावन स्थलों के लिए विशेष ध्यान देते हुए करोड़ों रुपए की स्वीकृति प्रदान की है।

उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में हुई अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में समाज की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए कोचिंग के लिए 50 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। साथ ही पायलट बनने की इच्छा रखने वाले बच्चों के लिए प्रत्येक वर्ष 15-15 लाख रुपए की राशि 5 बच्चों हेतु स्वीकृत की गई है।

गुरु खुशवंत साहेब जी ने कार्यक्रम के अंत में गुरु बालदास साहेब जी एवं गुरु सोमेश बाबा जी के चरणों में नमन करते हुए आयोजकों और उपस्थित श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

पूरे आयोजन के दौरान गुरु वाणी, भजन और समाजिक एकता के संदेश से वातावरण भक्तिमय और प्रेरणादायी बना रहा।


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