मुख्य अभियंता ने दिए सख्त निर्देश: बारिश में करंट से बचने के लिए करें आवश्यक उपाय और उपभोक्ताओं को करें जागरुक - Balaji 36 News

मुख्य अभियंता ने दिए सख्त निर्देश: बारिश में करंट से बचने के लिए करें आवश्यक उपाय और उपभोक्ताओं को करें जागरुक


दुर्ग, 11 अगस्त 2025 – मानसून की शुरुआत के साथ ही बिजली के करंट से होने वाली दुर्घटनाओं की बढ़ती आशंका को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री संजय खंडेलवाल ने अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देश दिए कि वे बारिश के मौसम में बिजली के करंट से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तुरंत आवश्यक कदम उठाएं और साथ ही उपभोक्ताओं को भी इन खतरों के प्रति जागरुक करें। उन्होंने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र जैसे उद्योग, खेती, ट्रांसपोर्ट, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन, घरो आदि में बिजली का उपयोग बढ़ने के कारण बिजली वितरण प्रणाली का भी विस्तार हो रहा है। बिजली की उपयोग में लापरवाही या अज्ञानता गंभाीर दुर्घटनाओं का का कारण बन सकती है। बारिश के मौसम में बिजली करंट से होने वाली दुर्घटनाओं में वृद्धि हो जाती है।

श्री खण्डेलवाल ने बताया की अभी हाल ही में चरोदा ग्राम के ग्राम गनियारी स्थित खेत में एक 12 वर्षीय बालक की करंट लगने से मौत हुई है। जांच करने पर ज्ञात हुआ कि खेत की बाड़ में पास से गुजर रही विद्युत लाईन से अवैध तरीके से जानवरों से फसल बचाने के लिये करंट प्रवाहित किया गया था, जिसकी चपेट में आकर बालक की मृत्यु हो गई। इसी प्रकार खुर्सीपार क्षेत्र के संतोशी पारा में एक उपभोक्ता द्वारा अपने घर की छत पर किसी एजेंसी के माध्यम से सोलर रूफटॉप पैनल लगवाने का कार्य करवाया जा रहा था, कार्य करते समय मकान के बाजू से गुजर रही विद्युत लाईन के नजदीक लोहे का एंगल आ जाने से युवक की मृत्यु हो गई और दो युवक मामुली घायल हो गये। इसी प्रकार दिनांक 03 अगस्त 2025 को साजा क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा अपना कृषि पंप चलाने के लिये अवैध बिजली, वो भी ढीले एवं कटे-फटे तारों के माध्यम से ले जायी गई थी, जिसकी चपेट में आकर एक ग्रामीण की मौत हो गई। मुख्य अभियंता ने बताया की प्रारंभिक जांच में उक्त सभी दुर्घटनाओं में लापरवाही एवं नियमों का उल्लंघन एक महत्वपूर्ण कारण रहा। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील किया है कि उक्त दुःखद घटनाओं को देखते हुए विद्युत सुरक्षा के संबंध में सभी उपभोक्ताओं का भी जागरूक होना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा बिन्दुओं का पालन सभी उपभोक्ताओं को करना चाहिए, यथा उच्च दाब तारों को छूने से बचना चाहिए क्योंकि गंभीर बिजली का झटका लग सकता है, जिससे तुरंत मृत्यु या गंभीर चोटें लग सकती हैं। उच्च वोल्टेज बिजली हवा के माध्यम से भी संपर्क में आ सकती है, खासकर यदि कोई धातु की वस्तु जैसे सीढ़ी, उपकरण या यहां तक कि किसी व्यक्ति का शरीर लाईन के बहुत करीब आ जाये। मुख्य अभियंता ने कहा कि आंधी, तूफान या दुर्घटना के कारण टूटकर जमीन पर गिरे हुए बिजली के तारों को गलती से भी नहीं छूना चाहिये, क्योंकि वे ऊर्जित हो सकते है और आसपास की जमीन को भी ऊर्जित कर सकते हैं। उच्च दाब विद्युत लाईनों से मकान सुरक्षित दूरी पर होनी चाहिये। मकान में कार्य करते समय पूरी तरह से सुनिश्चित कर लेवें कि यदि कोई लाईन आसपास है तो वह सुरक्षित दूरी पर हो। धातु की सीढ़ियां, लम्बी छड़े या अन्य प्रवाहकीय वस्तुओं को बिजली लाईनों से दूर रखे। उन्होंने कहा कि धातु विद्युत की सुचालक होती है और गंभीर दुर्घटनाओं का कारण हो सकती हैं इसलिए सावधानी रखनी चाहिए। यदि अपने क्षेत्र में कोई ढीला तार, टूटा हुआ पोल, खुला ट्रांसफॉर्मर या उच्च दाब लाईन से संबंधित कोई अन्य खतरा दिखाई दें, तो तुरंत बिजली विभाग को सूचित करें। वर्तमान में बहुत से घरों में सोलर पैनल लगाने का कार्य किया जा रहा है, अतः विद्युत लाईनों से सुरक्षित दूरी एवं सुरक्षा के अन्य समस्त मानकों को ध्यान में रखते हुए सावधानी पूर्वक कार्य कराया जावें। उन्होंने बताया कि जो भी व्यक्ति आपूर्ति लाईनो से अवैध कनेक्शन लेता है, कम खपत दर्ज करने के लिये मीटरों से छेड़छाड़ करता है एवं अनाधिकृत उद्देश्यों के लिये बिजली का उपयोग करता है, उनके विरूद्ध विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत कार्यवाही की जाती है। जिसमें जुर्माने के अतिरिक्त तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। मुख्य अभियंता ने कहा कि इन सुरक्षा उपायों का पालन करके विद्युत लाईनों से होने वाले गंभीर खतरों से स्वयं को और दूसरो को बचा सकते हैं। बिजली के साथ सदैव सावधानी बरतें।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *