विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष में पौधारोपण एक पेड़ मां के नाम 2.0 कार्यक्रम स्थान :- श्री शंकराचार्य महाविद्यालय जूनवानी भिलाई - Balaji 36 News

विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष में पौधारोपण एक पेड़ मां के नाम 2.0 कार्यक्रम स्थान :- श्री शंकराचार्य महाविद्यालय जूनवानी भिलाई


विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष में पौधारोपण एक पेड़ मां के नाम 2.0 कार्यक्रम स्थान :- श्री शंकराचार्य महाविद्यालय जूनवानी भिलाई

तिथि :- 5 जून 2025

विश्व पर्यावरण दिवस प्रत्येक वर्ष 5 जून को मनाया जाता है यह दिन हमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने और प्रकृति के साथ सामंजस्य पूर्ण जीवन जीने का संदेश देता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए श्री शंकराचार्य महाविद्यालय जूनवानी भिलाई में दिनांक 5 जून 2025 को पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस विशेष अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अर्चना झा, डीन अकादमीक डॉ जे दुर्गा प्रसाद राव राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर शिल्पा कुलकर्णी सह कार्यक्रम अधिकारी श्री ठाकुर रणजीत सिंह समस्त विभागों के प्राध्यापक गण तथा अन्य कर्मचारी गण उपस्थित रहेस कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य महोदय के प्रेरणादाई उद्बोधन से हुई, जिसमें उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता और हमारी जिम्मेदारी पर बल दियास

इसके पश्चात प्राध्यापको एवं कर्मचारियों ने महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जिनमें मुख्य प्रमुख रूप से नीम पीपल, आम अशोक और गुलमोहर जैसे छायादार एवं औषधि गुना से भरपूर वृक्ष शामिल थेस पौधारोपण करते समय सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया केवल लगाए गए पौधों की देखरेख एवं संरक्षण करेंगे ताकि वह स्वस्थ रूप से विकसित हो सके और भविष्य में वातावरण को शुद्ध बनाए रखने में सहायक बने स

पर्यावरण संरक्षण का संदेशरू- इस कार्यक्रम के माध्यम से महाविद्यालय से परिवार ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि आज के बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य में हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है वृक्षारोपण एक छोटा सा प्रयास होकर भी दीर्घकालीन सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करता है इसके साथ ही यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को प्रकृति से जुड़ने और पर्यावरणीय दायित्व निभाने की प्रेरणा भी देता है विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्री शंकराचार्य महाविद्यालय द्वारा आयोजित यह पौधारोपण कार्यक्रम न केवल एक आयोजन था बल्कि यहां एक हरित एवं स्वच्छ भविष्य की ओर एक सार्थक पहल थी ऐसे कार्यक्रमों से न केवल पर्यावरण के प्रति चेतना जागृत होती है बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी विकसित होती है


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