मेरी पूज्य माताजी स्वर्गीय पूर्णिमा चंद्राकर जी अब हमारे बीच नहीं रहीं। उनका दशगात्र एवं शांतिभोज कार्यक्रम दिनांक 30 अप्रैल को आयोजित किया जा रहा है।


समय और परिस्थिति के अभाव में, मैं बहुत से अपने आत्मीयजनों और मित्रों को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित नहीं कर पाया हूं।
आप सबसे मेरी विनम्र प्रार्थना है कि इस संदेश को देखकर कार्यक्रम में सादर उपस्थित हों और मेरी माताजी की आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना करें।
आपकी सहभागिता हमें संबल देगी और माँ को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।