भिलाई 3- गणेश पूजा के साथ-साथ महालक्ष्मी का भी पूजा 1984 से वर्तमान आज तक लगातार 39 वर्षों से ताई श्री वामन राव येऊलकर भिलाई तीन वाले लगातार पूजा अर्चना करते आ रहे हैं पत्रकार द्वारा पूछे जाने पर की गणेश पूजा के साथ महालक्ष्मी पूजा का प्रारंभ कब से हुआ तो ताई (आई ) नाम से जानी जाती वे कहने लगी की सपने में मां ने दर्शन दिया और और उसके बाद से आज तक लगातार गणेश पूजा के साथ-सा महालक्ष्मी पूजा किया जाता है बहुत ही विधि विधान के साथ महालक्ष्मी की पूजा किया जाता है 56 तरह के भोग लगाए जाते हैं पूजा में यह 1984 की बात है हमने ताई अर्थात आई पूछा प्रारंभ में₹100 से पूजा प्रारंभ किया था( शुरुआती दौर में एक-एक पैसे जमा करके एवं लोगों का सहयोग )से साल भर इंतजार करके गणेश पूजा के साथ मां लक्ष्मी का पूजा अर्चना करते हुए आज तक या सिलसिला चला आ रहा है पूजा अर्चना के बाद घर में आए भक्तों को भोजन करने का रीति रिवाज है जिसे हम बखूबी निभाते हैं ताई अर्थात आई अपने बेटे बहू के साथ गणेश पूजा एवं मां लक्ष्मी की पूजा का साल भर से इंतजार करती रहती हैं एवं आसपास के आंचल के लोग भी येऊलकर परिवार के घर का लक्ष्मी पूजा का इंतजार करते हैं जो इस सच्चे मन से इस पूजा में सम्मिलित होता है वह प्रत्येक वर्ष किसी भी जग रहे हुए पूजा में उपस्थिति दर्ज करते ही है इस अंचल में अर्थात भिलाई-3 आसपास में इसी परिवार में गणेश पूजा के साथ मां लक्ष्मी पूजा किया जाता है एवं भक्तों का जमावड़ा रहता है योलकर परिवार का यह कुलदेवी भी है।

