भिलाई में आज साकार होगा 1994 का यादगार अंदाज़, तीन दशक पुरानी ऊर्जा के साथ मंच पर उतरेंगे डॉ. संतोष राय


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भिलाई। कुछ अंदाज़ वक्त के साथ बदलते नहीं, बल्कि अपनी छाप और गहरी करते जाते हैं। कुछ आवाजें ऐसी होती हैं, जो केवल सुनाई नहीं देतीं, बल्कि दिलों और दिमाग पर असर छोड़ जाती हैं। आज भिलाई में कुछ ऐसा ही खास नजारा देखने को मिलेगा, जब देश के ख्यातिलब्ध शिक्षाविद, कॉमर्स गुरु और मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. संतोष राय अपने तीन दशक पुराने, यानी 1994 के उसी बेबाक, जीवंत और प्रभावशाली अंदाज़ में मंच संभालेंगे।

24 अक्टूबर 2026, शनिवार को शाम 4 बजे सुपेला स्थित होटल अमित पार्क में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम महज एक मोटिवेशनल सेशन नहीं, बल्कि अतीत की यादों, अनुभवों और वर्तमान की ऊर्जा का अनूठा संगम होगा। तीन दशक पीछे लौटेगा अंदाज़, लेकिन संदेश होगा आज की पीढ़ी के लिए कॉमर्स शिक्षा और करियर मार्गदर्शन के क्षेत्र में 33 वर्षों की अपनी विशिष्ट यात्रा पूरी कर चुके डॉ. संतोष राय इस बार अपने पुराने अंदाज़ को नए रंग और नई ऊर्जा के साथ प्रस्तुत करेंगे। उनके लिए यह मंच केवल विचार रखने का माध्यम नहीं, बल्कि उस दौर की जीवंत यादों को फिर से सामने लाने का अवसर होगा, जब उनकी बेबाक शैली और संवाद करने का अनोखा तरीका लोगों को खासा प्रभावित करता था। शायरी में संदेश, हास्य में सीख और शब्दों में सफलता का मंत्र डॉ. संतोष राय की पहचान उनकी विशिष्ट वक्तृत्व शैली, चुटीले अंदाज़ और दिल को छू लेने वाली शायरियों से रही है। वे जीवन की जटिल परिस्थितियों, करियर की चुनौतियों और सफलता के रास्तों को ऐसे सरल एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत करते हैं कि गंभीर बातें भी सहजता से समझ में आ जाती हैं। उनकी प्रस्तुति की खासियत यही है कि यहां मोटिवेशन केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सोचने का नजरिया बदलने और आगे बढ़ने का हौसला देने का माध्यम बन जाता है। पुरानी यादें, नया जोश और प्रेरणा की नई शुरुआत इस आयोजन को लेकर खास आकर्षण डॉ. राय का वह 1994 वाला अंदाज़ है, जिसे आज की पीढ़ी भी नए अनुभव के रूप में देख सकेगी। तीन दशक के अनुभव और वर्तमान समय की जरूरतों के बीच तालमेल स्थापित करती उनकी प्रस्तुति युवाओं, विद्यार्थियों और मोटिवेशन में रुचि रखने वाले लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। आज शाम 4 बजे भिलाई में सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अंदाज़, अनुभव और प्रेरणा की एक यादगार शाम


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