संजय रुंगटा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अंतर्गत संचालित रुंगटा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज एवं रुंगटा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च में विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2026 उत्साह, उमंग एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य फार्मासिस्टों के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करना, विद्यार्थियों में व्यावसायिक कौशल विकसित करना तथा समाज में औषधियों के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इस वर्ष का वैश्विक विषय “Empowering Pharmacists for Healthier Futures” (स्वस्थ भविष्य के लिए फार्मासिस्टों को सशक्त बनाना) तथा कार्यक्रम का विशेष जागरूकता विषय “स्वस्थ भारत: एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) से मुकाबला” रहा।
कार्यक्रम में संस्थान के प्राचार्य डॉ. ज्ञानेश कुमार साहू की गरिमामयी उपस्थिति भी रही। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को फार्मेसी के क्षेत्र में समर्पण, अनुशासन एवं निरंतर सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल, रायपुर के उपाध्यक्ष श्री राहुल तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।
कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन प्रो. डॉ. चंचल दीप कौर, डायरेक्टर फार्मेसी, संजय रुंगटा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में विश्व फार्मासिस्ट दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को फार्मेसी के क्षेत्र में ज्ञान, नैतिकता, नवाचार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का एक अभिन्न अंग हैं, जिनकी भूमिका केवल औषधियों के वितरण तक सीमित नहीं, बल्कि रोगियों के स्वास्थ्य संरक्षण एवं सुरक्षित चिकित्सा सुनिश्चित करने में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्य अतिथि श्री राहुल तिवारी ने अपने संबोधन में फार्मासिस्टों की बदलती भूमिका, औषधि सुरक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं में उनके योगदान पर विचार साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने ज्ञान एवं कौशल का निरंतर विकास करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का संदेश दिया।
इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन श्री संजय रूंगटा जी ने भी विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर अपने प्रेरणादायक संदेश के माध्यम से सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं फार्मेसी समुदाय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और एक स्वस्थ, जागरूक एवं सशक्त समाज के निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखते हुए उसे मानव सेवा, अनुसंधान, नवाचार एवं राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए समस्त आयोजन समिति, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों की रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच एवं व्यावहारिक कौशल को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें पोस्टर मेकिंग, लीफलेट मेकिंग, स्लोगन एवं कार्टून (स्किटून) प्रतियोगिता, फार्मा क्विज तथा रील्स प्रतियोगिता प्रमुख रहीं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस, औषधियों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा स्वास्थ्य जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।कार्यक्रम में फार्मा क्लब, सीआर फेलिसिटेशन, सीएसवीटीयू फाउंडेशन डे प्रमाणपत्र वितरण, एनएसएस प्रमाणपत्र वितरण एवं सीएसवीटीयू विश्वविद्यालय प्रमाणपत्र वितरण जैसे विशेष आयोजन भी संपन्न हुए। इसके साथ ही विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक एवं एनएसएस रैली के माध्यम से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के प्रति जन-जागरूकता का संदेश दिया गया। समारोह के दौरान अतिथियों का सम्मान, विजेताओं की घोषणा एवं प्रमाणपत्र वितरण किया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन, समूह छायाचित्र, राष्ट्रगान एवं अतिथियों की विदाई के साथ हुआ।
इस भव्य आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ फार्मेसी के क्षेत्र में नवीन संभावनाओं, सामाजिक दायित्वों एवं स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका को समझने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम की सफलता में संस्थान के प्रबंधन, प्राचार्य डॉ. ज्ञानेश कुमार साहू, निदेशकगण, प्राध्यापकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों, आयोजन समिति एवं विद्यार्थियों का सराहनीय योगदान रहा।
कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि एक सशक्त फार्मासिस्ट ही सुरक्षित औषधि उपयोग, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और स्वस्थ भविष्य की आधारशिला है।