श्री शंकराचार्य महाविद्यालय में सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम सम्पन्न


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भिलाई :- महाविद्यालय व हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में विद्या भारती, अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान नई दिल्ली द्वारा आयोजित नमामि भारतम कार्यक्रम के तहत महान साहित्यकार बंकिम चंद चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्र गीत वंदे मातरम की रचना के 150 सी जयंती के उपलक्ष में सामूहिक गान कार्यक्रम का आयोजन श्री शंकराचार्य महाविद्यालय, जुनवानी, भिलाई में किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री आई. पी. मिश्रा (श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति व गंगाजली शिक्षण समिति के चेयरमैन), कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री अवधेश दुबे(प्रांत संयोजक एवं सरस्वती शिशु मंदिर हायर सेकेंडरी विद्यालय, कुम्हारी), तथा डॉ. संजय तिवारी, कुलपति, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के आगमन एवं स्वागत से हुआ। इसके पश्चात कार्यक्रम की पृष्ठभूमि एवं उद्देश्य का परिचय, माँ सरस्वती का पूजन एवं सरस्वती वंदना, अतिथियों का औपचारिक स्वागत तथा स्वागत उद्बोधन सम्पन्न हुआ।
प्रातः 11:00 बजे वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति एवं जागरूकता साथ ही राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश देने, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और राष्ट्र नायकों के त्याग तथा बलिदान को याद करते हुए उन्हें स्वरांजलि व श्रद्धांजलि अर्पित करना तथा वैश्विक पटल पर अपनी पहचान दर्ज करने के लिए एक साथ पूरे भारतवर्ष में लोगों द्वारा ‘वंदे मातरम्’ गाकर इसे वर्ल्ड रिकॉर्ड (जैसे ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ या ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’) में दर्ज कराना रहा, जिससे देश की सामूहिक ऊर्जा और राष्ट्रभक्ति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जा सके
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री आई. पी. मिश्रा ने उद्बोधन के दौरान वंदे मातरम् के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डाला गया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजय तिवारी ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, सम्मान और समर्पण की भावना का प्रतीक है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रांत संयोजक श्री अवधेश दुबे ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस क्रम में आयोजित सामूहिक गायन कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं नागरिकों में देशभक्ति, राष्ट्रीय चेतना तथा सांस्कृतिक गौरव की भावना को सुदृढ़ करना है। स्वतंत्रता संग्राम में वंदे मातरम् की प्रेरणादायी भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि इस गीत ने लोगों में एकता, साहस और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना जगाई। नई पीढ़ी को इसके साहित्यिक एवं ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराना आवश्यक है।
कार्यक्रम में उपस्थित जनों से आह्वान किया गया कि वे राष्ट्रीय मूल्यों, सामाजिक समरसता, शिक्षा एवं जिम्मेदार नागरिकता के माध्यम से देश के विकास में अपना योगदान दें।
कार्यक्रम में उपस्थित श्री शंकराचार्य महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना झा एवं अतिरिक्त निदेशक डॉ. दुर्गा प्रसाद राव ने अतिथियों के सम्मान में उन्हें स्मृति-चिह्न प्रदान किए।
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. श्वेता गायकवाड़, सहायक प्राध्यापक, वनस्पति विज्ञान विभाग हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. नीलू श्रीवास्तव, अधिष्ठाता छात्र कल्याण हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा आभार प्रदर्शन एवं धन्यवाद ज्ञापन किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों से आए हुए प्राध्यापक गण, विद्यार्थी गण तथा श्री शंकराचार्य महाविद्यालय के शैक्षिक व गैर शैक्षिक कर्मचारीयों की सक्रिय सहभागिता रही, जिससे कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।


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