सेंट थॉमस महाविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित नवाचार एवं सतत विकास पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन


भिलाई, 10 सितंबर 2026: सेंट थॉमस कॉलेज, भिलाई में “कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित नवाचार, विद्युत वाहन, सतत विकास एवं पर्यावरणीय, सामाजिक तथा प्रशासनिक उत्तरदायित्व : 2035 की परिकल्पना” विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2026 का आयोजन किया गया। मिश्रित माध्यम से आयोजित इस सम्मेलन में भारत एवं विदेशों से शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों तथा विशेषज्ञों ने सहभागिता की और उभरती प्रौद्योगिकियों, पर्यावरणीय स्थिरता एवं भविष्योपयोगी नवाचारों पर विचार-विमर्श किया।
इस सत्र के मुख्य अतिथि श्री संजय कुमार, महाप्रबंधक, पर्यावरण प्रबंधन, भिलाई इस्पात संयंत्र, सेल थे। उन्होंने उद्घाटन उद्बोधन में पर्यावरण प्रबंधन एवं सतत विकास में उद्योग जगत की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने सतत भविष्य के निर्माण के लिए उत्तरदायी कार्यप्रणालियों एवं सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
अध्यक्षीय उद्बोधन रेव. फादर रेजी सी. वर्गीज़, शिक्षा अधिकारी, सेंट थॉमस मिशन द्वारा दिया गया। उन्होंने उभरती वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षा, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
उप-प्राचार्य एवं सम्मेलन संयोजक डॉ. जेम्स मैथ्यू ने स्वागत उद्बोधन में सम्मेलन की विषयवस्तु की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। प्राचार्य डॉ. शाइनी मेंडोंस ने अतिथियों, वक्ताओं, शोधकर्ताओं एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए ज्ञान-विनिमय को बढ़ावा देने वाले ऐसे शैक्षणिक मंचों के महत्व को रेखांकित किया।
मुख्य व्याख्यान सत्र का परिचय रेव. फादर डॉ. पी. एस. वर्गीज़, प्रशासक, सेंट थॉमस कॉलेज, भिलाई द्वारा कराया गया, जिन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका से आभासी माध्यम से सम्मेलन में सहभागिता की। इसके पश्चात अभियंता कुरियन वर्गीज, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, आईटीनोवेट, डलास, टेक्सास, अमेरिका ने मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने भविष्योपयोगी प्रणालियों के निर्माण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं अंकीय रूपांतरण की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए युवा पेशेवरों में प्रासंगिक तकनीकी कौशल विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
तकनीकी सत्रों में हरित नवाचार एवं सतत विकास के विभिन्न आयामों पर विशेषज्ञ व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। डॉ. संतोष कुमार वर्मा, सह-प्राध्यापक, यूलिन विश्वविद्यालय, चीन ने “मैग्नीशियम आधारित हाइड्रोजन भंडारण पदार्थों में हरित नवाचार” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने सतत हाइड्रोजन भंडारण के लिए मैग्नीशियम आधारित पदार्थों की संभावनाओं तथा उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाने के हरित उपायों पर चर्चा की।
डॉ. सीमा अनिल बेलोरकर, सह-प्राध्यापक, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर ने “फलों के छिलकों से प्राप्त जैव-उत्प्रेरक : चक्रीय जैव-अर्थव्यवस्था के माध्यम से सतत एंजाइम उत्पादन” विषय पर व्याख्यान दिया।
इसके पश्चात प्रो. डॉ. सुशील जॉर्ज जोसेफ, प्राध्यापक, क्रिस्टु ज्योति कॉलेज, चेंगनाश्शेरी ने “आंकड़ों से कार्बन-मुक्ति की ओर : जलवायु संरक्षण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधान” विषय पर आमंत्रित व्याख्यान प्रस्तुत किया।
विशेषज्ञ सत्रों के पश्चात प्रतिभागियों ने आभासी एवं प्रत्यक्ष माध्यम से अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए, जबकि स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने शोध पोस्टर प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने शोध कार्यों का प्रदर्शन किया।
सम्मेलन का समापन समापन सत्र के साथ हुआ, जिसमें डॉ. एम. जी. रॉयमोन, पूर्व प्राचार्य, सेंट थॉमस कॉलेज ने समापन उद्बोधन दिया तथा प्रतिभागियों का सम्मान किया। सह-संयोजक डॉ. वी. शांति ने सम्मेलन का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए सम्मेलन की प्रमुख शैक्षणिक गतिविधियों एवं प्रतिभागियों की सहभागिता का उल्लेख किया।
सम्मेलन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किए गए। स्नातक एवं स्नातकोत्तर वर्ग की शोध पोस्टर तथा मौखिक प्रस्तुतियों की विभिन्न श्रेणियों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
समापन कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव एवं प्रतिक्रियाएं साझा कीं। अंत में डॉ. जयश्री बालासुब्रमण्यम ने आभार प्रदर्शन किया।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *