रिसाली। मैत्री विद्या निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रिसाली में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े उत्साह, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। रिमझिम फुहारों के बीच आयोजित दही लूट एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम ने पूरे विद्यालय परिसर को भक्तिमय वातावरण से भर दिया।
कार्यक्रम में प्री-प्राइमरी, प्राइमरी एवं मिडिल वर्ग के विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, रासलीला तथा गोपियों संग मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने कृष्ण जन्म, माखन चोरी और वृंदावन की लीलाओं को आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया। प्राइमरी और मिडिल कक्षाओं के विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण पर आधारित कविताओं का पाठ किया तथा भगवद्गीता के श्लोकों का सस्वर वाचन किया। वहीं हायर सेकेंडरी के विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन पर अपने विचार व्यक्त किए और कृष्ण भक्ति से ओतप्रोत गीतों की प्रस्तुति दी।
विद्यालय की प्राचार्या डॉ. संजीत थंबी ने विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक पर्व हमें जीवन के लिए प्रेरणादायी संदेश देता है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश “कर्म करो, फल की इच्छा मत करो” हमें निष्ठा, समर्पण और कर्तव्यपरायणता के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ भी दीं।
उन्होंने कहा कि मैत्री विद्या निकेतन की विशेषता भारत की “विविधता में एकता” की भावना को शिक्षा के साथ जोड़ना है। विद्यालय में जाति, धर्म, पंथ या संप्रदाय से ऊपर उठकर सभी राष्ट्रीय, सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्व समान उत्साह और सम्मान के साथ मनाए जाते हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों में आपसी प्रेम, भाईचारा, सहिष्णुता, सांस्कृतिक मूल्यों और सभी धर्मों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है।
इस अवसर पर संस्था की अध्यक्षा श्रीमती राजम सुधाकरण, प्रबंधक श्री एस. सजीव, उप प्राचार्य डॉ. बीना सजीव, प्रधानाध्यापिका श्रीमती निशि साजन सहित विद्यालय परिवार उपस्थित रहा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पारंपरिक दही लूट रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेकर जन्माष्टमी उत्सव का आनंद लिया। विद्यालय परिसर में पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक एकता का सुंदर वातावरण देखने को मिला।