तापस सन्याल भिलाई। प्रदेश की कांग्रेस सरकार ,राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता समाप्त होने से पूरी तरह बौखला गई है। इस आपदा को अवसर बनाने में जुटे हैं,कांग्रेसी!! सभी कांग्रेसी उच्च स्तर की चाटुकारिता में लगे हैं ,ताकि कांग्रेस में अपनी सदस्यता बरकरार रख सके। राहुल गांधी की सदस्यता को लेकर जो फैसला लिया गया है, वह संवैधानिक है, जो संविधान के अनुच्छेद 102 और जनप्रतिनिधि कानून की धारा 8 के तहत राहुल गांधी की सदस्यता को सचिवालय द्वारा समाप्त किया गया है। कांग्रेस राहुल की गलतियों को छुपाने के लिए नए-नए स्टंट कर रही है, और इसे सत्याग्रह का नाम दे रही है। जनता को संविधान पर भरोसा है, और विधि सम्मत कार्य सभी के लिए एक समान है। इसमें कोई व्यक्ति विशेष नहीं, जो कानून से बढ़कर हो।
कांग्रेस अब जनता से नाता तोड चुकी है उनकी प्राथमिकता केवल राहुल गांधी का राजनितिक करियर बचाना है कांग्रेस के सारे अभियान ,आंदोलन ,संसाधन केवल और केवल राहुल गांधी के लिए ही हैं अफसोस की बात है कि वह जो सत्याग्रह कर रहे हैं वह देश कि लिए नहीं राहुल गांधी की लिए है।








छत्तीसगढ़ में जो निराशा छाया हुआ है अच्छा होता उसे दूर करने के लिए कांग्रेस द्वारा मशाल रैली निकाली जाती ,कांग्रेस राज में जो प्रदेश भ्रष्टाचार में आकंठ डूब चुका है। उसके लिए मशाल रैली होती ।