रायपुर। रायपुर रेलवे स्टेशन से मुख्यमंत्री साय ने गुरुवार को तीर्थयात्रा योजना के तहत विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह योजना डॉ. रमन सिंह की सरकार में शुरू हुई थी लेकिन कांग्रेस सरकार के दौरान इसे बंद कर दिया गया था। अब इसे फिर से शुरू किया गया है।








अपने संबोधन में मुख्यमंत्री साय ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया और कहा कि 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को तीर्थयात्रा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा, “हम मोदी जी की गारंटी को पूरा कर रहे हैं। इस योजना में 19 प्रमुख तीर्थस्थल शामिल किए गए हैं, ताकि वे बुजुर्ग जो आर्थिक या शारीरिक कारणों से तीर्थयात्रा नहीं कर पाते, वे भी धार्मिक स्थलों के दर्शन कर सकें।” बुजुर्गों की देखरेख के लिए 20 अधिकारी भी उनके साथ जा रहे हैं।
पूरे कोच होंगे AC
सीएम साय ने बताया कि तीर्थयात्रा के लिए भेजी गई ट्रेन के सभी कोच एसी होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पहले ही ‘रामलाल दर्शन योजना’ के तहत 22,000 से अधिक लोगों को तीर्थस्थलों के दर्शन करवा चुकी है। इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और रायपुर जिले के सभी विधायक भी मौजूद रहे। इस विशेष ट्रेन से रायपुर और बलौदाबाजार जिलों के 800 बुजुर्ग तीर्थयात्रा के लिए रामेश्वरम, मदुरई और तिरुपति रवाना हुए।
मंत्री राजवाड़े ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने योजना को पुनः शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि साय सरकार सभी नागरिकों के सामाजिक, धार्मिक और मानसिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि विधवा और परित्यक्ता महिलाएं भी इस योजना के तहत तीर्थयात्रा कर सकेंगी
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार चाहती है कि छत्तीसगढ़ का हर नागरिक अपने आराध्य के दर्शन कर सके। तीर्थयात्रा योजना आस्था और संस्कृति की सेवा का संगम है।”