छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव में सीएम बघेल, कहा- नरवा, गरुवा, घुरूवा, बाड़ी से प्रदेश प्रगति की ओर


रायपुर।  संकेत उपाध्याय ने मुख्यमंत्री से की बातचीत के दौरान उन्होंने पूछा कि 5 साल पहले आपने सेंस ऑफ प्राइड की बात कही थी। 5 साल में छत्तीसगढ़ में क्या बदलाव आया है और नरवा, गरुवा, घुरूवा, बाड़ी के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे।









मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- हमने 13 हजार नाले रिचार्ज किये। जहां भी यह काम हुआ, 7 सेमी से 13 सेमी तक जलस्तर बढ़ गया।
किसानों को काफी लाभ हुआ। एक फसल तो बची ही, दूसरे फसल के लिए भी पानी मिल गया। गरुवा योजना में गौ संरक्षण पर काम किया।

1 लाख 56 हजार हेक्टयर खेत सुरक्षित किये। मुर्गी पालन, मत्स्यपालन जैसी अन्य गतिविधियां शुरू की। 2 लाख से अधिक महिलाओं को रोजगार मिला।  बाड़ी किचन गार्डन जैसी है। इससे हरी सब्जी मिली, कुपोषण घटा।

समस्याओं का समाधान

. पहले से आपका मॉडल अलग कैसे है। इस प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारी परंपरा थी लेकिन कुछ समय से इस पर विराम लग गया था क्योंकि मवेशी पालन महंगा हो गया था। हमने इस विसंगति को दूर किया। पशुपालन फिर से लाभकारी हो गया। खेत सुरक्षित हुए। ट्रैक्टर की वजह से आवारा मवेशी की समस्या हुई। अब हम गोबर खरीद रहे हैं। इससे वर्मी कम्पोस्ट बना रहे हैं हम 31 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट बना चुके हैं। इससे जैविक खेती की राह खुली है। इससे हर दिन 50 हजार लीटर दूध उत्पादन बढ़ा है।

. आपकी कौन सी योजना पंचवर्षीय है और कौन सी देर तक चलने वाली योजना। मुख्यमंत्री ने कहा- हमारे आधे से अधिक गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं। यह व्यवस्था स्थायी रूप से लोगों को लाभ देगी।

. सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा पर बड़ा ध्यान देती है। आपकी शिक्षा के क्षेत्र में क्या उपलब्धि है जिससे आपको अच्छी ग्रेड मिले।
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सली घटनाओं की वजह से हमारे अनेक स्कूल बंद हो गए थे। हमने जगरगुंडा जैसे जगह में स्कूल पुनः आरम्भ कराए। 1100 करोड़ रुपये की लागत से स्कूलों का जीर्णोद्धार कराया। स्कूलों की पुताई गोबर से बने प्राकृतिक पेंट से की। हमने स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल आरम्भ कराए।


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