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CG – गड़े खजाने के लिए 21 लोगों की बलि की साजिश? 4 महीने में 8 मौतों से कांपा गांव
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल क्षेत्र अंतर्गत आने वाले पुराना खर्वे गांव से अंधविश्वास और सामूहिक हत्याकांड की साजिश का एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। महज 800 की आबादी वाले इस शांत गांव में पिछले चार महीनों के भीतर आठ लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में ‘गड़े खजाने’ को निकालने के अंधविश्वास में कुल 21 लोगों को मौत के घाट उतारने की खौफनाक साजिश रची गई थी।

ग्रामीणों के दबाव के बाद पुलिस ने सात शवों को कब्र से निकलवाकर पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। अब पूरे गांव की निगाहें रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे इन मौतों के पीछे का सच सामने आ सके।
खर्वे गांव में संदिग्ध मौतों का सिलसिला 6 फरवरी को बद्री पटेल की मौत से शुरू हुआ। इसके बाद 20 फरवरी को बुढालू साहू, 12 मार्च को बुधराम जायसवाल, 20 मार्च को छत्तूराम साहू और 31 मार्च को विनोद साहू की मौत हो गई। फिर 28 अप्रैल को गजानंद मांझी, 29 अप्रैल को चैतूराम साहू और 14 मई को महेतरू साहू की जान चली गई।
एक ही गांव में लगातार आठ लोगों की मौत के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण कसडोल थाने पहुंचे और मामले की जांच की मांग की। लगातार हो रही मौतों के बाद ग्रामीणों ने गांव में शांति पूजा कराई। इस पूजा में तीन बकरों, एक सुअर और कई मुर्गों की बलि दी गई। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि इसके बाद मौतों का सिलसिला रुक जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि शांति पूजा कराने वाले गजानंद मांझी की भी बाद में मौत हो गई। इससे गांव में तंत्र-मंत्र और गड़े धन को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और तेज हो गईं।
मृतक छत्तूराम साहू के भाई और विनोद साहू के चाचा कामता प्रसाद ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों की मौत हुई, उन्हें अलग-अलग समय में रामसहाय जायसवाल की ओर से शराब दी गई थी। शराब पीने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और फिर मौत हो गई। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी फैल गई कि जमीन में गड़े धन को निकालने के लिए 21 लोगों की बलि देने की तैयारी की गई थी। ग्रामीणों का दावा है कि अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 13 लोग अभी बाकी थे।
हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस फिलहाल वैज्ञानिक जांच के आधार पर आगे बढ़ रही है।
गजानंद मांझी गांव में शांति पूजा कराने वाले बैगा थे। उनकी पत्नी साधिन बाई मांझी ने बताया कि घटना वाले दिन उनके पति घर पर सो रहे थे। इसी दौरान मोहनलाल जायसवाल शराब लेकर पहुंचे। बाद में गजानंद ने कोल्ड ड्रिंक में शराब मिलाकर पी और कुछ देर बाद अचानक गिर पड़े। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि शराब रामसहाय जायसवाल की ओर से भेजी गई थी।
गांव में लगातार हो रही मौतों के बीच कार्तिक कुम्हार का मामला सामने आया। वह संदिग्ध हालत में बीमार पड़ा था, लेकिन उसकी जान बच गई। कार्तिक ने ग्रामीणों को बताया कि उसे उसके दोस्त प्रमोद साहू ने शराब दी थी। शराब का स्वाद कड़वा था। शराब पीने के कुछ ही देर बाद उसके पेट में तेज दर्द हुआ और वह बेहोश हो गया। बाद में प्रमोद ने बताया कि यह शराब उसे रामसहाय जायसवाल ने दी थी। कार्तिक के बयान के बाद ग्रामीणों का शक और गहरा गया। इसके बाद गांव में बैठक हुई और लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
ग्रामीणों के आरोपों के बाद रामसहाय जायसवाल चर्चा के केंद्र में हैं। हालांकि लोगों का कहना है वह उनके घर और दुकान पर नहीं मिले है। वहीं उनके बेटे रुद्रेश्वर ने कहा कि उनके पिता फरार नहीं हैं। पुलिस उनका बयान दर्ज कर मोबाइल जब्त कर चुकी है। परिवार का कहना है कि अगर जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो कानून अपना काम करे।
रामसहाय जायसवाल की किराना दुकान गांव के मुख्य गुड़ी चौक पर स्थित है। यह गांव का सबसे व्यस्त इलाका माना जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि रोजाना अधिकांश लोग इसी रास्ते से गुजरते हैं और रामसहाय का लगभग सभी ग्रामीणों से संपर्क था।
घटना के बाद गांव में उनके परिवार के प्रति नाराजगी है। लोगों ने दुकान से सामान खरीदना बंद कर दिया है। फिलहाल दुकान बंद पड़ी हुई है।
खर्वे गांव के अधिकांश लोग कबीर पंथ को मानते हैं। इसी वजह से यहां मृतकों का अंतिम संस्कार दाह संस्कार के बजाय दफनाकर किया जाता है। जांच के लिए पुलिस ने सात कब्रों को दोबारा खोदकर शव बाहर निकाले और पोस्टमॉर्टम के बाद उन्हें फिर से दफना दिया गया।
मामले की जांच कर रहे कसडोल एसडीओपी के.के. वासनिक के मुताबिक सभी मौतों में एक समान पैटर्न देखने को मिला है। पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि मृतकों को किसी न किसी रूप में शराब उपलब्ध कराई गई थी।
पुलिस ने सात शवों के विसरा और अन्य सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि अगर ठोस साक्ष्य मिले तो संबंधित लोगों से सख्ती से पूछताछ की जाएगी।